Saturday, 25 January 2020

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस का फर्क आज ही समझ लीजिये ! | 26 January 2020

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मित्रों, आज हम आपको 26 जनवरी और 15 अगस्त के महत्व का अंतर बताने जा रहे हैं | 26 जनवरी 1950 के दिन भारत देश का संविधान लागू हुआ था | हम आप को बता दें की, इंडिया का संविधान दुनिया के सभी संविधानों में सबसे बड़ा संविधान है | 

26 January 2020
मतलब, भारत दश का संविधान (Constitution of India) विश्व के किसी भी गणतांत्रिक देश का सबसे लंबा लिखित संविधान है | हमारा “भारतीय संविधान” इस वक्त 465 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 22 भागों में बंटा हुआ है | इस विशाल संविधान को तैयार करने में कुल 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था |
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कहा जाता है की, डॉ. भीम राव अंबेडकर ने भारत का संविधान लिखने में अहम् भूमिका अदा की थी | लेकिन कई लोग यह आरोप भी लगाते हैं की भारत का संविधान ब्रिटिश संविधान की कोपी जैसा है |

इस गौरवशाली पर्व पर हर किसी के जहन में एक ही सवाल उठता है कि आखिर “15 अगस्त” क्यों संविधान लागू नहीं हुआ | और 26 जनवरी और 15 अगस्त में क्या अंतर है | तो आहिये हमारे देश के इन दो महा पर्व का फर्क जान लेते हैं |

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस का फर्क आज ही समझ लीजिये ! | 26 January 2020

1. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस कहा जाता है और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कहा जाता है।

2. गणतंत्र दिवस के दिन भारत का संविधान लागू हुआ था | हमारे संविधान में भारत के नागरिकों को कई अधिकार दिए गए हैं, जैसे कि मौलिक अधिकार, भाषण देने का अधिकार आदि | जब की, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्ट’) के दिन देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली थी और भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था |  

3. पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर देश के राष्ट्रपति ने अपना पद संभाला था तो वहीं, पहले स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने अपना पद ग्रहण था | हम आप को बता दें की, भारत देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू थे और पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद थे।

4. गणतंत्र दिसव (26 जनवरी) पर देश की राजधानी में राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड भव्य निकाली जाती है | जिसमें देश की आदर्श संस्कृति और शक्ति का प्रदर्शन किया जाता है | वहीं, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन, लाल किले पर प्रधानमंत्री भाषण देते हैं। जिसमें वह बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं |

5. भारत में 26 जनवरी के दिवस पर राजपथ पर राष्ट्रपति के लिए खास होता है। इस दिन राष्ट्रपति “तिरंगा” फहराते हैं। वहीं 15 अगस्त पर लाल किले से प्रधानमंत्रीतिंरगा” फहराते हैं।

15 अगस्त को क्यों नहीं मनाया जाता है”

हमारे देश में “गणतंत्र दिवस” पर भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 के दिन लागू हुआ था। उस दिन भारत सरकार अधिनियम को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया | इसी दिवस पर भारत का संविधान अस्तित्व में आया था | जिसके बाद, भारत एक “गणतंत्र देश” बना था | 

यह वो एतिहासिक दिन था जब, अत्याचारी गोरी सरकार (अंग्रेज़ सरकार) भारत से दफा हुई थी | 15 अगस्त 1947 की आधी रात को भारत को अंग्रेजों की 250 साल की लंबी गुलामी से आजादी मिली | लेकिन उसके बाद भारत के पास अपना कोई संविधान नहीं था | जिससे देश चलाया जा सके |


ऐसे में, हमारे देश के बड़े नेताओं नें “डॉ. भीम राव अंबेडकर” को भारत का संविधान बनाने का सनेहरा अवसर दिया | इस बात का स्वीकार करने में हमें कोई शर्म नहीं होनी चाहिए की, हमारा संविधान कई देशों के संविधानों से मिलकर बना है | 
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